Subscribe:

कुल प्रविष्ठियां / टिप्पणियां

विजेट आपके ब्लॉग पर

Friday, April 08, 2011

आज यूं ही......./राजेश चड्ढ़ा


बात क्यूं करता है कभी ये ना बताया उस ने ,

वरना यूं बात बहुत करने की आदत है उसे |

7 टिप्पणियाँ:

Kailash C Sharma said...

बहुत खूब!

Harish Harry said...

Chhoti magar asardar.yun hi likhte rahiyega.

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सुन्दर अभिव्यक्ति ...

सुनील गज्जाणी said...

चड्ढा साब ,
नमस्कार !
बेहद उम्दा शेर है .. आप की नज़र मेरा एक शेर अर्ज़ है '' नज़रे किता कुछ कह जाती है जब की अधर सिले के सिले है ''
आदाब !

Amrit's Creations said...

wah,,,,,
Khoob,,,,,,har baar ki tarha,,,,,

Baat kyu karta hai ,,,,,,,,,,,
Is liye ,,,,,,,
k
Shaayad ,,,,,
aap se mohabbat ho Usko,,,,,,,
Ya shayad ibaadat karta ho,,,,
Puchha he nahi us se,,,,,,,
Warna bata to deta he wo,,,

Vivek Jain said...

वाह!

विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

तरुण भारतीय said...

चढ्ढा जी बहुत दिनों बाद सक्रिय हुए हो .....................सुंदर प्रस्तुति

Post a Comment