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Friday, December 02, 2011
कृष्ण...यानि...कान्हा..और...कान्हा...यानि...मेड़ता की मीरां का समर्पण..../ राजेश चड्ढ़ा
मेड़तली की बात भाईड़ा,
ज्यूं कान्हा को साथ भाईड़ा।
सबद सूत अ’र सुर है तकली,
कात सकै तो कात भाईड़ा ।
...मेड़ता मे जन्मीं मीरां की बात है भाई..
...जैसे कृष्ण-कन्हैया का साथ भाई....
...कृष्ण शब्द और सुर तकली हैं..
...कात सकें तो पूरा जीवन साथ है भाई.....




